Saturday, 7 June 2025

हिंदी अखबारों में सब एडिटर कैसे बनें

दोस्तो, जब आप पत्रकारिता की डिग्री लेकर अपने संस्थान से बाहर निकलेंगे/ निकलेंगी और अखबारों के दरवाज़े पर खड़े होकर नौकरी कै लिए दस्तक देंगे तब कोई भी अखबार आपको सीधे सब एडिटर या रिपोर्टर नहीं बना देगा। अखबार आपको पहले ट्रेनी जर्नलिस्ट या प्रशिक्षु पत्रकार बनाएगा। एक या दो साल आपको इसी पद पर काम करना होगा। फिर अखबार तय करेगा कि आपको जूनियर सब एडिटर बनाया जाए या जूनियर रिपोर्टर। ये दोनों अलग-अलग पद हैं। (सब एडिटर डेस्क पर काम करता है और रिपोर्टर फिल्ड में। हालांकि आजकल अखबारों में सब एडिटर/रिपोर्टर रखने का चलन है ताकि जब चाहें प्रोफाइल बदल दें।) फिर इस पद पर दो साल काम करने के बाद आप सब एडिटर या रिपोर्टर बन सकते हैं लेकिन यह सब कुछ आपके परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा। 

यह है किसी भी हिंदी अखबार में सब एडिटर बनने का रास्ता। इसके दो फायदे हैं 

1️⃣ हिंदी अखबारों में ट्रेनी के रूप में एंट्री आसानी से मिल सकती है। 

2️⃣ ट्रेनिंग के दौरान आप वह सब कुछ सीख जाएंगे जो आप नहीं जानते हैं और जिसकी पढ़ाई आपने पत्रकारिता के कोर्स के दौरान नहीं की है। 

इसलिए पत्रकारिता की डिग्री हासिल करने वाले हर शख़्स के लिए जरूरी है कि वह किसी अखबार में कम से कम एक-दो साल की ट्रेनिंग अवश्य ले। यही ट्रेनिंग आपके करियर की आधारशिला बनने में मदद करेगी और फिर आपके करियर को उड़ान देगी। 

इसलिए पत्रकारिता की डिग्री हाथ में आने के फौरन बाद किसी अखबार में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में प्रवेश पाने की कोशिश शुरू कर दें। कभी-कभी कुछ लोगों को यह मौका पढ़ाई के तीसरे बर्ष के दौरान ही मिल जाता है। तो इसके लिए भी कोशिश करते रहें। इस मामले में सही जानकारी और सलाह जबरदस्त काम करती है। तो सलाह भी लेते रहें।

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