अपने अभिभावकों की गाढ़ी कमाई से लाखों रुपए खर्च करने के बाद छात्रों के हाथ में जो पत्रकारिता की डिग्री आती है, उसके बारे में पत्रकारिता संस्थानों में समझाया जाता है कि यह डिग्री एक प्रकार का जादुई चिराग है। इसे घिसते यानी हासिल करते ही एक जिन्न आपके सामने प्रकट होगा और हाथ बांध कर कहेगा -क्या हुकुम है मेरे आका। फिर आप उससे सबसे बड़े मीडिया हाउस की नौकरी दिलाने को कहोगे और वह फौरन नियुक्ति पत्र आपके हाथ में थमा देगा। लेकिन ऐसा सच में होता नहीं है। पत्रकारिता की डिग्री न तो जादुई चिराग है और न ही जिन्न। यह तब-तक महज कागज का एक टुकड़ा है जब तक कि आप इसमें अपना एफर्ट्स नहीं डालते।
दरअसल पत्रकारिता की डिग्री आधार कार्ड की तरह है। जैसे आधार कार्ड आपके भारत का निवासी होने की पहचान है और यह बताता है कि आप आप हैं, ठीक वैसे ही पत्रकारिता की डिग्री इस बात की पहचान है कि आप पत्रकारिता के क्षेत्र से संबद्ध हैं। आप किसी अखबार में एंट्री पा सकते हैं लेकिन इसके लिए उस अखबार के गेट पर एंट्री से पहले अपनी चेकिंग करानी होगी ठीक वैसे ही जैसे हवाई अड्डे के गेट पर चेकिंग करानी होती है। हवाई अड्डे पर आपके सामान की पूरी जांच होती है। अखबारों के गेट पर यानी नियुक्ति से पहले आपको अपने सामान यानी अपनी हर तरह की क्षमताओं की चेकिंग करानी होगी। यहां आपकी जिन क्षमताओं की चेकिंग होगी, उनमें प्रमुख हैं -
- भाषा शुद्ध लिखने की क्षमता यानी आप हिंदी कितनी शुद्ध लिखते हैं
- भाषा प्रवाह यानी तथ्यों को विस्तार से लिखने में आप कैसे हैं
- अंग्रेजी कितना जानते-समझते हैं यानी अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद करने में आप कितना माहिर हैं
- सामान्य ज्ञान यानी देश-दुनिया में घट रही घटनाओं पर आपकी पकड़ कितनी है या नहीं है
इन चीजों की चेकिंग होने और इसमें पास होने के बाद आपकी व्यक्तिगत तौर पर चेकिंग होगी यानी इंटरव्यू होगा। ठीक वैसे ही जैसे हवाई अड्डे पर सिक्योरिटी चेकिंग होती है। इंटरव्यू में जिन चीजों की चेकिंग होगी, उनमें प्रमुख हैं -
- आपकी पर्सनेलिटी, आपकी बॉडी लैंग्वेज और बात करने का आपका लहजा
- आपका एटिट्यूड, जिम्मेवारियों के प्रति आपका एप्रोच और समस्याओं के समाधान के प्रति आपकी जवाबदेही
- टीम वर्क को लेकर आपका रवैया और आपकी नेतृत्व क्षमता
- अपने संस्थान के प्रति आपकी सोच
जिस तरह से हवाई अड्डे पर सिक्योरिटी चेकिंग के बाद आपको विमान में सवार होने की अनुमति मिलती है, ठीक उसी प्रकार इन सभी चेकिंग में सफल होने के बाद अखबार के गेट से अंदर आने की अनुमति मिलेगी यानी आपको नियुक्ति पत्र मिलेगा और आप जॉब हासिल कर पाएंगे।
तो अब जब भी आप किसी पत्रकारिता संस्थान में दाखिला लें तो अपना दिमाग साफ रखें कि पत्रकारिता की डिग्री जादुई चिराग नहीं है सिर्फ आधार कार्ड है।
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