हमने और आपने सबने सुना है कि सांप और बिच्छू के काटे के जंतर-मंतर होते हैं या फिर वशीकरण मंत्र होता है तो फिर पत्रकारिता में जंतर-मंतर क्या होते हैं। इस ब्लॉग में हम पत्रकारिता के जंतर-मंतर पर चर्चा करेंगे। इन्हें समझने की कोशिश करने के साथ-साथ इन्हें खोज निकालने का प्रयत्न करेंगे। इसका मतलब यह है कि हम इस ब्लॉग में पत्रकारिता के हर पहलू पर विचार करते हुए इसे पत्रकारिता के छात्रों के लिए उपयोगी बनाएंगे।
असल में यह ब्लॉग पत्रकारिता के छात्रों की मदद के लिए शुरू किया जा रहा है। यह एक प्रकार का अड्डा होगा जहां हम खबरों के लेखन से लेकर संपादन के तौर-तरीकों पर बात करेंगे। आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि जब आप पत्रकारिता का कोर्स कर रहे हैं या कर चुके हैं तो फिर इसकी क्या जरूरत है। इसके जवाब में अभी सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि यहां पत्रकारिता के सिद्धांतों पर नहीं बल्कि इसके व्यावहारिक पहलुओं पर बात करेंगे।
तो आप साथ आइए और इसमें शामिल होकर खुद को भी बेहतर बनाइए और हमें भी बेहतर बनने का मौका दीजिए।
धन्यवाद
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