Tuesday, 24 June 2025

हिंदी सीखनी है तो हिंदी में सोचना शुरू कीजिए

 यदि आप स्कूल में होते तो चुटकी बजाकर हिंदी सीख जाते क्योंकि उस उम्र में सीखना आसान होता है। उस समय व्याकरण पढ़ना बोरिंग नहीं लगता लेकिन अब इस उम्र में व्याकरण पढ़ना बोरिंग लग सकता लेकिन व्याकरण का बुनियादी ज्ञान तो चाहिए होगा जो मैं समझता हूं कि आपके पास पहले से है। यदि व्याकरण का बुनियादी ज्ञान है तो शुद्ध हिंदी लिखना कोई रॉकेट साइंस नहीं लगेगा। फिर भी इसमें मेहनत और लगन की जरूरत तो पड़ेगी ही। छात्रों की मांग पर कुछ टिप्स दे रहा हूं। लेकिन इतने से काम नहीं चलेगा। इसके आगे भी बहुत कुछ करना होगा। यदि सचमुच आप अपनी हिंदी सुधारना चाहते हैं तो कमर कस लीजिए और शुरू हो जाइए। 

पहला कदम 

आप सबसे पहले एक काम कीजिए। आम बोलचाल में आप जितने भी अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए सामान्य हिंदी के शब्द ढूंढिए। इन हिंदी शब्दों का दिमाग में भंडारण कीजिए। इससे आपके पास हिंदी शब्दों का एक कोष तैयार हो जाएगा।

दूसरा कदम

इसके बाद हिंदी में सोचना शुरू कर दीजिए। हिंदी में सोचने का मतलब यह है कि आपके मन-मस्तिष्क में जो विचार या ख्याल उत्पन्न हो रहे हैं वे हिंदी में उभरें। 

उदाहरण - यदि आप सोच रहे हैं -मैं आज शाम अपने दोस्तों से मिलूंगा। तो इसमें शाम के लिए इवनिंग और दोस्तों के लिए फ्रेंड्स शब्द न आए। इस प्रक्रिया से आप हिंदी में सोचना शुरू कर सकते हैं। इसे लगातार करिए ताकि यह आपकी सोच में शामिल हो जाए‌। 

तीसरा कदम

जब आप हिंदी में सोचने लगेंगे तब आपका मन हिंदी में लिखने का भी होगा। जब ऐसा हो जाए तो आप समझ लीजिए कि हिंदी सीखने की यात्रा पर आप निकल चुके हैं।

अगले ब्लॉग में आगे की बात।

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