Tuesday, 2 September 2025

हम पत्रकार बनते क्यों हैं

एक ज्वलंत सवाल। इसका जवाब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है। लेकिन हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत (उदंत मार्तंड) से लेकर आज तक पत्रकार बनने के पीछे कुछ सर्वमान्य कारण इस प्रकार हैं -

*️⃣ सच को सामने लाने की इच्छा

पत्रकारिता का मूल काम है लोगों तक सच्चाई पहुंचाना। कई लोग पत्रकार इसलिए बनते हैं ताकि झूठ, अफवाह या सत्ता के पर्दे के पीछे छुपी बातों को उजागर कर सकें। (यह अलग बहस का मुद्दा है कि इसके लिए मंच कहां है)

*️⃣ समाज में बदलाव की चाह

पत्रकार खुद को समाज का चौथा स्तंभ मानते हैं। बहुतों के लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं बल्कि मिशन होती है—अन्याय, भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का रास्ता।

*️⃣ लोगों की आवाज बनने का जुनून

जो वर्ग अपनी बात खुद नहीं कह पाता, पत्रकार उनकी आवाज बनते हैं। चाहे किसान हों, मजदूर हों, या हाशिये पर खड़े लोग—पत्रकार उनके मुद्दों को मंच देते हैं।

*️⃣ ज्ञान और जिज्ञासा

पत्रकारिता का मूल है सवाल पूछना और उसका जवाब खोजना। जिन लोगों में लगातार जानने-समझने की प्यास होती है, वे पत्रकारिता की ओर आकर्षित हो जाते हैं। ज्ञान बटोरते हैं और उसे फैलाते हैं।

*️⃣ रोमांच और विविधता

हर दिन नई घटनाएं, नए लोग, नए अनुभव—यह पेशा जीवन को एकरसता के जाल से बाहर निकालता है। बहुत से लोग इस रोमांच के कारण इसे चुनते हैं।

*️⃣ प्रभाव और पहचान

पत्रकारिता से समाज में एक पहचान और प्रभाव बनता है। लोग आपकी लिखी/बोली हुई बातों को गंभीरता से लेते हैं, उससे प्रभावित होते हैं। कई लोग इसी पहचान और प्रभाव के कारण इसे चुनते हैं।

संक्षेप में कहें तो हम पत्रकार इसलिए बनते हैं क्योंकि हमें सच जानने और उसे लोगों तक पहुंचाने का जुनून होता है। कुछ लोग इसे मिशन समझकर करते हैं, कुछ पेशा बनाकर, और कुछ दोनों के बीच संतुलन बनाकर।

या फिर जेन जी के जमाने में पत्रकार इसलिए बनते हैं ताकि

-सत्ता की गोद में खेल सकें 

-दूसरों के एजेंडे को समाज में फैला सकें 

-अफवाह और क्लिकबेट की ताकत पर अपना/अपने आकाओं का स्वार्थ सिद्ध कर सकें 

-समाज को मूल मुद्दों से भटकाने की मुहिम चला सकें 

-समाज में गलत विचारों की पैठ बना सकें। 

आज देश में हर तरह की पत्रकारिता के लिए ऑप्शन खुले हुए हैं। आप के सामने सुख और मौज-मस्ती वाली पत्रकारिता में जाने का अवसर भी है और सत्य के पक्ष में खड़े होने का अवसर भी है। चयन आपको करना है कि आप कौन सा पत्रकार बनने का फैसला करते हैं। लेकिन एक बात हमेशा याद रखना चाहिए कि जब कोई जनहित की पत्रकारिता का चयन करता है तब उसे इसमें छिपे जोखिम, दिक्कतों और परेशानियों को झेलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

No comments:

Post a Comment

AI का तूफ़ान: कौन बचेगा, कौन बहेगा

 AI कोई धीमी आंधी नहीं है, यह एक ऐसा तूफ़ान है जो दुनिया के हर पेशे, हर दफ्तर और हर स्क्रीन को हिला रहा है। आज की सबसे ईमानदार सच्चाई यही है...