-लोकतंत्र को मजबूत करना
-सत्य को सामने लाना
-समाज को जोड़ना
इन्हें निभाने के लिए हो क्या रहा है
-सत्ता के साथ समीकरण बनाने में व्यस्त
-करियर की चमक बढ़ाने में मस्त
-एजेंडा को लागू करने की होड़
-जो सामने आ गया, खबरें बन गईं
-अंदर तक झांकना बंद हो गया है
-सच की खोज कम हो रही है
परिणाम क्या निकल रहा
-जुझारूपन घट रहा
-खबरें बन रही हैं, खोजी नहीं जा रहीं
-रिपोर्ट हो रही है, रिसर्च नहीं
-तकनीकी विकास हो रहा है, वैचारिक नहीं
-सामाजिक सरोकार गायब हो रहा है
-भ्रष्टाचार उजागर नहीं हो रहा है
अगली पीढ़ी को क्या देंगे
-कंफ्यूजन और विचारहीनता
-डिजिटल मजबूती और सैद्धांतिक कमजोरी
-जो है, उसे रिपोर्ट करो की कार्यशैली
-जनता के सरोकार की कमजोर समझ
No comments:
Post a Comment