दिन-रात का रगड़ा है
मियां-बीवी का झगड़ा है
चौराहे का लफड़ा है
कष्ट बड़ा ही तगड़ा है
xxx
मुखिया का दलान है
दिक्कतों की दुकान है
सुबह-शाम की ढलान है
हंसने-रोने की शान है
xxx
बात-बे-बात का ताना है
सबकुछ यहां बेगाना है
जी लिया तो एक गाना है
जी न सका तो बहाना है।
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