Saturday, 26 July 2025

जीवन क्या है

दिन-रात का रगड़ा है 

मियां-बीवी का झगड़ा है 

चौराहे का लफड़ा है 

कष्ट बड़ा ही तगड़ा है 

      xxx

मुखिया का दलान है 

दिक्कतों की दुकान है 

सुबह-शाम की ढलान है 

हंसने-रोने की शान है 

      xxx

बात-बे-बात का ताना है 

सबकुछ यहां बेगाना है 

जी लिया तो एक गाना है 

जी न सका तो बहाना है।

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