Sunday, 1 June 2025

पत्रकारिता के छात्र जान लें, क्या होती है ग्रे लिस्ट और FATF

इस समय अखबारों में यह ख़बर लगातार छप रही है कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल करने के लिए भारत गंभीर प्रयास कर रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत यह दबाव बना रहा है। पत्रकारिता के छात्रों को जानना चाहिए कि यह ग्रे लिस्ट होती क्या है और भारत क्यों पाकिस्तान को इस लिस्ट में डालने पर जोर दे रहा है। तो चलिए पहले समझते हैं 


ग्रे लिस्ट क्या है -

दरअसल ग्रे लिस्ट FATF यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की एक सूची है जिसमें उन देशों को रखा जाता है जिन देशों को FATF द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्त-पोषण के खिलाफ कुछ उपाय करने के लिए कहा जाता है। लेकिन अभी उन देशों ने पर्याप्त उपाय नहीं किए हैं और उनमें अभी भी सुधार की आवश्यकता है। ऐसे देशों को ग्रे लिस्ट में रखा जाता है और उन पर कुछ पाबंदियां भी लगाई जाती है। ग्रे लिस्ट उन देशों या संस्थाओं की सूची है जो टैक्स हैवन या वित्तीय अपराधों में शामिल होने के संदेह के कारण अंतरराष्ट्रीय निगरानी में हैं। 


क्या है FATF

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) एक अंतर-सरकारी स्वतंत्र निकाय है जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को आर्थिक सहायता और अन्य संबंधित खतरों का मुकाबला करने के लिए काम करता है। इसकी स्थापना 1989 में हुई थी और इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में है। FATF की सदस्यता 39 देशों और दो क्षेत्रीय संगठनों (यूरोपीय आयोग और खाड़ी सहयोग परिषद) से मिलकर बनती है। भारत FATF का सदस्य है और सक्रिय रूप से इसके कार्यों में भाग लेता है।

आपको यह भी बता दें कि FATF एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग और हथियारों के प्रसार से जुड़ी फंडिंग पर निगरानी रखती है। जो देश इन गतिविधियों के खिलाफ जरूरी कदम उठाने में नाकाम रहते हैं, उन्हें FATF की "ग्रे लिस्ट" में डाल दिया जाता है। इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय कर्ज लेने की क्षमता पर पड़ता है। ग्रे लिस्ट में शामिल देश के सामने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कई सख्त शर्तें रखी जाती हैं और अगर उन शर्तों को पूरा करने में वो देश नाकाम रहता है, तो फिर उसके ब्लैक लिस्ट होने का भी खतरा रहता है।

FATF के तीन मुख्य उद्देश्य हैं:

*️⃣ मनी लॉन्ड्रिंग का मुकाबला- FATF देशों को मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ प्रभावी कानून और नियम बनाने में मदद करता है।

*️⃣ आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला- FATF आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए देशों को मदद करता है।

*️⃣ वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा- FATF वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित बनाने और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए काम करता है।


क्या है भारत का पक्ष

भारत पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल करने की मांग कर रहा है क्योंकि उसका मानना है कि पाकिस्तान आतंकवाद को रोकने में नाकाम रहा है और वैश्विक संस्थाओं से मिले धन का इस्तेमाल आतंकवादियों को हथियार और धन मुहैया कराने में करता है। हाल ही में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक मोर्चा खोल रखा है और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान को फिर से भेजने के लिए गंभीर कोशिशें शुरू कर दी हैं।

भारत सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने को लेकर मजबूत सबूत तैयार करने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गये आतंकवादियों के जनाजे में जिस तरह से पाकिस्तान सेना के दर्जनों सीनियर अधिकारी शामिल हुए थे, भारत उसे भी बतौर सबूत पेश कर सकता है। भारत FATF के सदस्य देशों को इस बात के लिए राजी करने की कोशिश करेगा कि पाकिस्तान की सेना और आतंकवादी किस तरह से आपस में मिले हुए हैं। इसके अलावा भारत ये भी दलील दे सकता कि असल में वो पाकिस्तान की सेना ही है, जो आतंकवाद फैलाने का काम करती है। लिहाजा पाकिस्तान को FATF की ग्रे-लिस्ट में डालना अत्यंत जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत का साफ और स्पष्ट शब्दों में आरोप है कि पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र से चलने वाले आतंकी संगठनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसके उलट उसने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, खासकर IMF और विश्व बैंक से मिले फंड का इस्तेमाल हथियार और गोला-बारूद खरीदने में कर रहा है।

भारत की मांग के पीछे के तीन कारण

1️⃣ आतंकवाद का समर्थन- भारत का आरोप है कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को समर्थन देता है और उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है।

2️⃣ वैश्विक संस्थाओं का दुरुपयोग- भारत का मानना है कि पाकिस्तान वैश्विक संस्थाओं से मिले धन का इस्तेमाल आतंकवादियों को हथियार और धन मुहैया कराने में करता है।

3️⃣ आर्थिक दबाव- ग्रे लिस्ट में शामिल होने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ेगा और उसे अंतरराष्ट्रीय कर्ज लेने में मुश्किलें आएंगी।

FATF की बैठक इसी जून महीने में होने वाली है, जहां भारत पाकिस्तान के खिलाफ अपना मामला उठाएगा और उसे ग्रे लिस्ट में शामिल करने की मांग करेगा। भारत ने इस दिशा में अपनी कूटनीतिक कोशिशें भी तेज कर दी हैं। इसके लिए भारत ने अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत शुरू की है‌। 

वैसे पाकिस्तान को इस लिस्ट में रहने का अनुभव है। पहले भी वह इस लिस्ट में रह चुका है। 



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