Friday, 10 October 2025

चार तरह की होती है चाय

चाय चार प्रकार की होती है

। सुबह की चाय, प्यार की चाय, शाम की चाय और इत्मीनान की चाय। इन चारों में क्या फर्क है। 
पहली है सुबह की चाय -सुबह छह बजे उठकर जब आप पानी गर्म करते हैं फिर चाय बनाकर अपनी बीवी को एहतियात के साथ जगाते हैं और फिर साथ में बैठकर पीते हैं तो यह सुबह की चाय कहलाती है। इसमें कोई खास बात नहीं है। हर घर में ऐसा होता है। कहीं शौहर चाय बनाता है तो कहीं बीवी चाय बनाती है।
दूसरी है प्यार की चाय -जब आप मार्निंग वॉक के बाद लौटते हैं तो कभी-कभी बीवी चाय बनाकर पिलाती है। ऐसा रोज़ नहीं होता है। कभी-कभी होता है। यह चाय तभी मिलती है जब आप रात में बीवी की अच्छे से सेवा करते हैं और आपकी सेवा से वह खुश हो जाती है तो सुबह में चाय देती है। जिस दिन चाय नहीं मिले तो समझिए कि आपने अच्छी सेवा नहीं की। आपने ठीक से मेहनत नहीं की।
तीसरी है शाम की चाय -जब आप दफ्तर में साथियों के साथ शाम में हंसी-मजाक के बीच चाय पीते हैं तो ये शाम की चाय हुई। इसमें भी कुछ खास नहीं है।
चौथी है इत्मीनान की चाय -जब आप दफ्तर से लौटते हैं तब बीवी आपके सामने चाय का प्याला रखती है और आप उसे इत्मीनान के साथ पीते हैं क्योंकि आप दिन भर मेहनत करके लौटते हैं और आपको यह इत्मीनान होता है कि आज की दिहाड़ी आपने पूरी कर ली है।
प्यार की चाय और इत्मीनान की चाय आपसे में सगी बहनें हैं क्योंकि दोनों मेहनत के बाद मिलती है। एक दिन में मेहनत करने के बाद और दूसरी रात में मेहनत करने के बाद। 
इसलिए कहा जाता है कि पुरुष दिन-रात मेहनत करता है तब उसकी जिंदगी चलती है।

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