Wednesday, 17 September 2025

जब बंद हो जाए सोशल मीडिया

अगर सोशल मीडिया अचानक बंद हो जाए तो पूरी दुनिया और जेनरेशन जेड पर क्या असर पड़ेगा? अभी इस काल्पनिक सवाल को सिर्फ जेनरेशन जेड यानी जेन जी पर पड़ने वाले असर तक सीमित रखते हैं और देखते हैं क्या-क्या असर पड़ सकता है जेन जी के जीवन पर।

अभी जैसी स्थिति है, इस हिसाब से हम कह सकते हैं कि सोशल मीडिया के बंद होने का जेन जी के जीवन पर गहरा असर पड़ेगा क्योंकि उनकी जीवनशैली, रिश्ते, पढ़ाई, काम और पहचान — सब कुछ कहीं न कहीं सोशल मीडिया से जुड़ा है। इसमें कुछ सकारात्मक असर भी पड़ सकता है और नकारात्मक असर भी। पहले सकारात्मक असर को विस्तार से समझते हैं-

*️⃣ सकारात्मक असर

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार – लगातार लाइक, फॉलोअर और व्यूज़ की चाह और तुलना खत्म होगी। मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।

वास्तविक बातचीत – परिवार और दोस्तों से आमने-सामने की बातचीत बढ़ सकती है, रिश्तों में सच्चाई और प्रगाढ़ता लौट सकती है।

ध्यान और एकाग्रता – अध्ययन और स्वाध्याय पर ज्यादा फोकस कर सकते हैं क्योंकि डिस्ट्रैक्शन कम होगा। स्क्रीन टाइम घटने से अन्य कामों के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

रचनात्मकता के नए रास्ते – लोग ऑफलाइन शौक (पढ़ना, खेल, कला, संगीत) की ओर लौट सकते हैं। नए करियर की तलाश कर सकते हैं। खेलकूद के लिए भी समय रहेगा। 

सबसे बड़ी बात - जीविकोपार्जन के नए स्रोत की तलाश करनी होगी क्योंकि ऑनलाइन आमदनी बंद हो चुकी होगी। किसी रोजगार या नौकरी की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में देश और समाज को सृजनात्मक दिमाग की सेवा मिलेगी। 

*️⃣ नकारात्मक असर

पहचान और अभिव्यक्ति का संकट – बहुत से युवाओं की ऑनलाइन पहचान ही असली पहचान बन चुकी है। सोशल मीडिया बंद होते ही उन्हें अकेलापन और असुरक्षा महसूस होगी।

करियर पर चोट – इंफ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, डिजिटल क्रिकेटर्स जैसे नए करियर पूरी तरह सोशल मीडिया पर टिके हैं। लाखों युवाओं की कमाई का जरिया खत्म हो जाएगा। हजारों लोग बेरोजगारी की चपेट में आ सकते हैं। इससे समाज में नई तरह की समस्या पैदा हो सकती है।

सूचना का अभाव – जेन जेड न्यूज़पेपर या टीवी से कम और इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर) से ज्यादा खबरें लेते हैं। ऐसे में जानकारी तक पहुंच मुश्किल हो जाएगी। ज्ञान की कमी से अंदर की ताकत में कमजोरी महसूस करेंगे।

समुदाय से कटाव – ऑनलाइन ग्रुप, फैन कम्युनिटी, या डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म पर बने रिश्ते टूट जाएंगे। बात करने को कोई नहीं मिलेगा तो मन पर बोझ सा अनुभव करेंगे। 

विरोध और एक्टिविज़्म कमजोर – सोशल मीडिया ने जेन जेड को आंदोलन और सामाजिक बदलाव की ताकत दी है। इस प्लेटफार्म पर विरोध करने की इन्हें आदत सी हो गई है। इसके बंद होने से उनकी आवाज़ कमजोर हो सकती है। इससे घुटन महसूस करेंगे। 

*️⃣ मनोवैज्ञानिक असर

शुरुआती दौर में विथड्रावल सिंड्रोम जैसा असर होगा (जैसे नशा छोड़ने पर होता है)। इससे बेचैनी बढ़ेगी और चिड़चिड़ापन महसूस होगा। जीवन में खालीपन भर जाएगा। किसी काम में मन नहीं लगेगा। दिन और रात काटना मुश्किल हो जाएगा। कुछ समय तक गहरे सदमे जैसी हालत में रहेंगे। 

धीरे-धीरे कुछ लोग नई ऑफलाइन आदतें विकसित करेंगे, जबकि कुछ को गहरे अवसाद का सामना करना पड़ सकता है।

निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते हैं कि सोशल मीडिया बंद होने का असर जेन जेड पर दोधार वाली तलवार की तरह होगा—

एक ओर यह स्थिति उन्हें ज्यादा स्वस्थ और संतुलित बना सकती है। 

दूसरी ओर यह स्थिति उनकी अभिव्यक्ति, करियर, आमदनी और सामाजिक कनेक्शन को गहरा झटका दे सकती है।

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