Sunday, 31 August 2025

हिंदी पत्रकारिता की तीन जिम्मेदारी

-लोकतंत्र को मजबूत करना 

-सत्य को सामने लाना 

-समाज को जोड़ना


इन्हें निभाने के लिए हो क्या रहा है 

-सत्ता के साथ समीकरण बनाने में व्यस्त 

-करियर की चमक बढ़ाने में मस्त

-एजेंडा को लागू करने की होड़ 

-जो सामने आ गया, खबरें बन गईं

-अंदर तक झांकना बंद हो गया है 

-सच की खोज कम हो रही है 


परिणाम क्या निकल रहा 

-जुझारूपन घट रहा 

-खबरें बन रही हैं, खोजी नहीं जा रहीं

-रिपोर्ट हो रही है, रिसर्च नहीं 

-तकनीकी विकास हो रहा है, वैचारिक नहीं 

-सामाजिक सरोकार गायब हो रहा है 

-भ्रष्टाचार उजागर नहीं हो रहा है 


अगली पीढ़ी को क्या देंगे 

-कंफ्यूजन और विचारहीनता 

-डिजिटल मजबूती और सैद्धांतिक कमजोरी 

-जो है, उसे रिपोर्ट करो की कार्यशैली 

-जनता के सरोकार की कमजोर समझ

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