Tuesday, 1 July 2025

अफवाह और खबर में फर्क करना जरूरी

अफवाह और खबर में बड़ा फर्क है। सबसे पहली बात तो यह है कि अफवाह कभी खबर नहीं होती है। यह हमेशा फैलाई जाती है जबकि खबर प्रसारित की जाती है, बताई जाती है। अफवाह के पीछे हमेशा भड़काने का उद्देश्य होता है। खबर का उद्देश्य सूचना देना होता है। कुछ और अंतर इस प्रकार हैं -

स्रोत और विश्वसनीयता

अफवाह- अफवाह का कोई ठोस स्रोत या प्रमाण नहीं होता। यह आपसी बातचीत की शक्ल में अनौपचारिक रूप से लोगों के बीच फैलती है। अफवाह अक्सर गलत या अतिशयोक्तिपूर्ण हो सकती है।

खबर- खबर का स्रोत विश्वसनीय होता है, जैसे समाचार पत्र, टीवी चैनल, या सरकार या सरकारी मशीनरी का आधिकारिक बयान। यह तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित होती है। खबर का प्रमाण मिल सकता है लेकिन अफवाह का नहीं।

अफवाह- अफवाह की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती। यह अनिश्चित और अनियंत्रित होती है।

खबर- खबर की सत्यता की जांच पत्रकार या समाचार एजेंसी द्वारा की जाती है, जिससे उसकी विश्वसनीयता बढ़ती है।

प्रसार का तरीका

अफवाह- यह मौखिक रूप से, सोशल मीडिया, या अनौपचारिक बातचीत के जरिए फैलती है। पारिवारिक और सामाजिक ग्रुप से भी इसे फैलाई जाती है।

खबर- यह औपचारिक माध्यमों जैसे समाचार पत्र, टीवी, वेबसाइट, या प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रसारित होती है।

उद्देश्य

अफवाह- अक्सर सनसनी फैलाने, भ्रम पैदा करने, या किसी विशेष एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए फैलाई जाती है। आजकल राजनीतिक एजेंडे के लिए अक्सर अफवाह फैलती रहती है और लोग इसके झांसे में फंस भी जाते हैं। 

खबर- इसका उद्देश्य लोगों को सूचित करना, जागरूक करना, या किसी घटना की सटीक जानकारी देना होता है।

प्रभाव

अफवाह- यह भ्रामक हो सकती है और समाज में भय, अविश्वास, या गलतफहमी पैदा कर सकती है।खबर- यह तथ्यपरक जानकारी प्रदान करती है, जो लोगों को सही निर्णय लेने में मदद करती है।

उदाहरण

अफवाह- सुना है कि शहर में कल भूकंप आएगा। अभी तक विज्ञान ने ऐसा तरीका नहीं खोजा है जिससे भूकंप की भविष्यवाणी की जा सकती है। खबर- मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है। ऐसी भविष्यवाणी  संभव है। विज्ञान के पास ऐसे टूल्स हैं।

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